ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਤੇ ਲੇਖ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ, Guru Nanak Dev Ji par Punjabi Nibandh. On the account of 550th guruprab of Guru Nanak Dev Ji, Let’s come forward to educate our children about the legacy, divinity and teachings of Guru Nanak Dev Ji. गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं | गुरु नानक देव जी को समर्पित गुरुद्वारे | Teachings of Guru Nanak Dev ji in hindi | About Guru Nanak Dev On Guru Nanak Dev Ji In Punjabi Language a village school. Guru Nanak Dev Ji (15 April 1469 – 22 September 1539) was the founder of Sikhism. Click here for instructions on how to enable JavaScript in your browser. Guru Nanak Dev Ji. Maybe one could achieve enlightenment in forests centuries ago, but we’re not capable of that today. Teachings of Guru Nanak Dev - Guru Nanak (1469-1539) was one of the greatest religious innovators of all time and the founder of the Sikh religion. Guru Nanak Ji was the founder of the Sikh religion. Guru Nanak Dev Ji Essay, 10 Lines on Guru Nanak Dev Ji in Punjabi. 01 A precious child was born in 1469 in the Khatri family at Talwandi, near Lahore. The basic fundamentals of Sikhism can be found and read in the Guru Granth Sahib. Guru Nanak appointed Bhai Lehna as the successor Guru, renaming him as Guru Angad, meaning "one’s very own" or "part of you". By … You can Read other posts related to this. ਜਨਮ, ਪਰਿਵਾਰ, ਸਿਖਿਆ, ਚਮਤਕਾਰ ਭਰੀਆਂ ਘਟਨਾਵਾਂ, ਸੱਚਾ ਸੋਦਾ, ਉਪਦੇਸ਼ , ਸਾਰ-ਅੰਸ਼ । Ego, Anger, Greed, Attachment and Lust. Operational Nuclear Power Plants in India, Incredible Benefits of Honey for Skin, Hair and Health, Careers Related to Science with Travel Opportunities, Here is the Quit Smoking Diet; You can Fight Against Cravings, भारत में सामाजिक सुरक्षा के लिए अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि खाता योजना : भारत में लड़कियों के लिए नई योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई): भविष्य करें सुनिश्चित, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना - एक दुर्घटना बीमा योजना. We will try to answer your question as soon as possible. His father’s name was Mehta Kalu and his mother’s name was Mata Tripta. He was a saint and showed his devotees the way to God. This 4th of November marks the birth of Sri Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism. Guru Nanak - His Life and Teachings By Roopinder Singh in English 21. गुरु नानक देव जी की महत्वपूर्ण शिक्षाओं के बारे में जानें, गुरुनानक देव जी की माँ का मायका (मातृ गृह) सुल्तानपुर लोधी में था, जहाँ सिखों के पहले गुरू, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के लगभग 15 वर्ष बिताए थे। इसलिए, इस स्थान पर गुरु नानक देव जी को समर्पित कई गुरुद्वारे बने हुए हैं। गुरुनानक देव जी की बहन बेबे नानकी की शादी सुल्तानपुर में हुई थी। गुरुनानक देव जी को समर्पित उन्हीं गुरुद्वारों में से एक ‘बेर साहिब’ है, जो गुरु नानक देव जी का एक बहुत ही प्रसिद्ध और ऐतिहासिक गुरुद्वारा है। गुरु नानक जी इस गुरुद्वारे के पीछे स्थित बेन नदी का इस्तेमाल स्नान करने के लिए करते थे और एक बेरी वृक्ष (भारतीय बेर का पेड़) के नीचे ध्यान लगाते थे। यह सब कुछ अभी भी वहाँ मौजूद है, जो वहाँ के संपूर्ण वातावरण को बहुत ही शांत बनाता है। आप संपूर्ण जगह में गुरु नानक देव जी की उपस्थित महसूस कर सकते हैं।, गुरु नानक देव जी का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने कभी भी उसको स्वीकार और उसका पालन नहीं किया था, उनका सिर्फ यह मानना था कि वह एक विशेष समुदाय में पैदा हुए हैं। उन्होंने जनेऊ (पवित्र धागा) पहनने से भी इनकार कर दिया था, क्योंकि उनका मानना था कि इस तरह से कुछ भी पहनने से आपको पाप से मुक्ति नहीं मिल सकती है। गुरु जी ने कहा कि यह पवित्र धागा सर्वशक्तिमान की स्तुति करके और एक ईमानदार जीवन जीते हुए स्वतः धारण हो जाएगा और इस प्रकार जो इसे पहनेगा, वह इसका कभी भी विखंडन नहीं कर सकता है। यह बातें अगर हम समझते हैं, तो हमारा व्यक्तित्व काफी हद तक बदल सकता है।, गुरु नानक देव जी एक अच्छी तरह से पढ़े-लिखे और हर जगह यात्रा करने वाले व्यक्ति थे और यह उनकी आध्यात्मिक शिक्षा ही थी, जिसने सिख धर्म की नींव रखी थी। गुरु जी ने लंगर परंपरा की शुरूआत की और इसके माध्यम से ‘संगत और पंगत’ नामक अपनी शिक्षा का क्रियान्वयन किया, जिसका अर्थ है कि किसी भी समुदाय, जाति, विश्वास, रंग या पंथ को अनदेखा करते हुए सभी लोग एक साथ बैठकर भोजन और परमात्मा की प्रार्थना करेंगे।, परमात्मा केवल एक है और यह परम सत्य और वास्तविकता है। उन्होंने बताया कि परमात्मा जन्म और मरण जैसी संसारिक चीजों से घिरा हुआ नहीं है। वह सभी जगह और हर प्राणी में विद्यमान है, इसलिए उसे एक विशिष्ट पूजा के प्रतिरूप में बाँधना उचित नहीं है।, गुरु नानक देव जी ने हमेशा वस्तुओं का आदान-प्रदान करने पर जोर दिया, क्योंकि इससे परम संतोष और खुशी मिलती है, जो इस दुनिया में अन्य कोई नहीं दे सकता है। इसके अलावा, उन सभी लोगों की मदद करनी चाहिए, जो गरीब हैं। अपनी सभी स्वार्थी इच्छाओं और लालच का त्याग कर देना चाहिए।, गुरु नानक जी ने यह भी उपदेश दिया कि हर किसी को अपना जीवन ईमानदारी और किसी को भी किसी तरह का दर्द न देते हुए, धोखाधड़ी के बिना जीना चाहिए।, गुरु नानक जी ने एक और बात पर जोर दिया कि हमेशा परमात्मा को याद रखें, क्योंकि वह सर्वशक्तिमान है। गुरु नानक ने परमात्मा की पूजा को बहुत महत्व दिया है और व्यक्ति को उसे हर समय याद रखना चाहिए। हर व्यक्ति को प्रार्थना करते समय न केवल अपने परिवार या समुदाय के लिए, बल्कि संपूर्ण समुदाय के कल्याण की कामना करनी चाहिए। किसी को भी आत्म केंद्रित (खुदगर्ज) नहीं होना चाहिए।, गुरु नानक जी ने अपनी अन्य शिक्षाओं में यह कहा कि सत्य को बिनी किसी झिझक और भय के बोलना चाहिए।, गुरु नानक जी ने अपने सभी अनुयायियों को यह सलाह दी थी कि किसी में भी मृत्यु का डर नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह एक अटल सत्य है।, जैसा कि गुरु नानक देव जी का जन्म महान असमानताओं की अवधि के दौरान हुआ था और उस समय के दौरान महिलाओं को पुरुषों की तुलना में हीन समझा जाता था, लेकिन फिर भी गुरु नानक जी ने पुरुषों और महिलाओं की समानता के उपदेश दिए थे।, गुरुजी ने यह भी कहा कि अहंकार बहुत खतरनाक है, इसलिए इसका त्याग कर देना चाहिए।, मुझे लगता है कि यदि हम सभी अपने जीवन में गुरु नानक देव जी के आदर्शों का पालन करते हैं, तो हर जगह अमन-चैन और शांति का माहौल बन सकता है।, अन्य लेख : Guru Nanak was born on 15th April, 1469 at Talwandi, not far from Lahore, which is now in Pakistan. Waheguru ji. Download Free Guru Nanak Dev Ji History In Punjabi Language Guru Nanak Dev Ji History In Punjabi Language|pdfacourierb font size 12 format When people should go to the ebook stores, search opening by shop, shelf by shelf, it is in reality problematic. He is popularly known as Baba Nanak. Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism was the first of the ten Sikh gurus who helped in formulating the pillars on which Sikhism was established. This is why we allow the book compilations in this website. Shri Guru Nanak Dev Ji. When one realizes the Truth and speaks it and acts on it. ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ ਤੇ ਲੇਖ ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ, Guru Nanak Dev Ji par Punjabi Nibandh. Very Short Essay on Guru Nanak Dev Ji - ImportantIndia.com Short Essay on Guru Nanak Dev Ji in Punjabi Language. Click here for instructions on how to enable JavaScript in your browser. Essay on Camel in Hindi  | ऊंट पर निबंध ऊंट एक भारी-भरकम शरीर का जानवर है यह जानवर रेगिस्तान के क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पाया जाता है अ... 10 Sentences about Sun in Hindi - Few lines on Planet Sun सूरज आग का तपता हुआ एक बड़ा गोला है। हमारी पृथ्वी सूर्य के चारों तरफ च... Running Status in Hindi -हमारी जिंदगी भी दौड़ की तरह होती है जिसमें जो इंसान इस दौड़ में अपना लक्ष्य बनाकर निरंतर दौड़ता चला जाता है तो कामयाब... Mountain quotes in Hindi, Hill Status पर्वत पर महान विचार हिमालय को पर्वतों का राजा कहा जाता है। कभी भी किसी पर्वत की ऊंचाई को मत माप... Mountain quotes in Hindi पर्वत पर महान विचार, गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को तलवंडी नामक स्थान पर हुआ था यह स्थान पाकिस्तान में है।, पिता का नाम महिता कालू जी गॉंव के पटवारी थे।, आपकी एक बड़ी बहन थी जिनका नाम बेबे नानकी था, नानक जी की शादी 24 सितम्बर 1487 ई: में हो गई थी। उनके श्रीचंद और लक्ष्मीचंद नाम के दो बेटे भी थे।, गुरु नानक सिखों के पहले गुरु हैं। उनके अनुयायी उन्हें गुरु नानक, बाबा नानक और नानकशाह के नाम से संबोधित करते हैं।, आपको 7 साल की उम्र में गुरु जी के पास शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा गया, आपने संसारभर के भटके हुए लोगों को सीधे रास्ते पाया, 22 सितंबर, 1539 को 70 वर्ष की आयु में आप ज्योति – ज्योत समा गए थे, हर वर्ष कतक की पूर्णिमा का गुरुपर्व मनाया जाता है इस दिन नानक देव जी का जन्म दिन होता है. He believed that living as a householder was better than going away for a divine truth. Notify me of follow-up comments by email. गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को तलवंडी नामक स्थान पर … Guru Nanak Dev Ji preached against superstitions, false rituals, worship of demi-gods and goddesses. The five evils are. Guru Angad (Gurmukhi: ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ, prounciation: [gʊɾuː əŋgəd̯ᵊ]) was the second of the ten Sikh gurus of Sikhism. There are ten Sikh Gurus. Nanak himself was a farmer even after achieving enlightenment. Ten Teachings About Guru Nank Dev Ji You Must Know. From a very early age, he started visiting all religious places. The name of the boy was Nanak, known to the world as Guru Nanak Dev. dev ji punjabi version life and teachings of sri guru nanak dev ji punjabi version prof karamjeet singh vice chancellor of the jagat guru nanak dev punjab state open university proudly said that this ... books guru nanak dev ji book guru nanak dev a webliography author dr sukhdev singh language The village is called Nankana Sahib which is now in Pakistan. Janamsakhi Guru Nanak Dev Ji in Punjabi 18. Guru Nanak Dev Ji was the founder of Sikhism and the first Sikh guru. Punjabi Status, Thoughts, Quotes, Jokes and Hindi Essays, EssayOnline.in - इस ब्लॉग में हिंदी निबंध सरल शब्दों में प्रकाशित किये गए हैं और किये जांयेंगे इसके इलावा आप हिंदी में कविताएं ,कहानियां पढ़ सकते हैं. सिख धर्म: मानवता और समानता के संदेश का प्रसार. Janamsakhi Guru Nanak Dev Ji in Hindi 19. Sau Sakhi - The Book of 100 Stories - Related to Guru Gobind Singh Ji - In Punjabi 20. 10 Lines on Guru Nanak Dev Ji in Punjabi, Essay on Guru Nanak Dev Ji , Lines on Guru Nanak Dev Ji. 5. At the age of seven, he joined the village school. Guru Nanak was one of those religious teachers who wanted to chase away darkness of ignorance and usher in spiritual enlightenment. Talwandi is now popularly called Vankana Sahib’. His birthday is celebrated as Guru Nanak Jayanti or Gurpurab. He stressed that only One God, the Formless, is to be glorified. See more ideas about nanak dev ji, dev ji, guru. Life and Teachings of Sri Guru Nanak Dev Ji - English Version. 1)There is One God “There is but One God, His name is Truth, He is the Creator, He fears none, he is without hate, He never dies, He is beyond the cycle of births and death, He is self illuminated, He is realized by the kindness of the True Guru. Select from the Drop Down to view archives, सिख धर्म: मानवता और समानता के संदेश का प्रसार, मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित भारतीय मूल के लेखक, भारत में लांच होने वाले हैं ये शीर्ष 5 स्मार्टफोन. He was a firm believer of God from childhood. 3 Best Essay o “Guru Nanak Devi Ji” Essay No. Monrovia – Guru Nanak Dev Ji, the founder of Sikhism and the 1st Guru (Teacher) was born on yesterday, 550 years ago, in a small village now in Pakistan called Rai Bhoi Ki Talwandi. Not in any particular order. Shortly after proclaiming Bhai Lehna as the next Guru, Shri Guru Nanak Dev ji merged with God ( jyoti jyot samaye) on 22 September 1539 in Kartarpur, at the age of 69. Guru Nanak Dev ji taught that Liberation from Suffering can only happen when one becomes Truthful. He traveled to far off places and spread the message of 'one God' and that God … 10 lines on Guru Nanak dev ji in Punjabi on August 23, 2020 0 Comment 10 lines on Guru Nanak Dev Ji in Punjabi . He was born at Rai-Bhoi-di Talwandi in the present district of Shekhupura (Pakistan), now Nanakana Sahib. The primary objective of the Baba Nanak Mobile Application dedicated to 550th Birth Anniversary of Guru Nanak Dev Ji is to let people know various facts with the help of 550 Questions related to Guru Nanak Dev Ji’s Life journey. Short Essay on Guru Nanak Dev Ji in Punjabi Language. In this way, he showed the path of truth and enlightenment. Guru Nanak Dev Ji Jayanti is on 06 th November 2014, so let us find out a few things about the teachings of this Great Master. And Guru Nanak doesn’t even require you to do that. In Jap ji Sahib, Guru ji says that in order to speak and embody the Truth, one must learn to walk in the way of The Order of God. 96 % (151) Essay on guru nanak dev ji teachings in punjabi; Short essay on stone tools. This app is built in three languages initially i.e Hindi, English & Punjabi. Life and Teachings of Sri Guru Nanak Dev Ji - English Version. Punjabi Essay on “Shri Guru Nanak Dev Ji ”, “ਸ਼੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੀ”, Punjabi Essay for Class 10, Class 12 ,B.A Students and Competitive Examinations. Dec 9, 2020 - Explore Nick thind's board "Guru Nanak dev ji" on Pinterest. Guru Nanak Dev ji lay great emphasis on having the importance of Guru … Guru Nanak Dev jee traveled more than 28,000 Kms in five major tours of the world during the period from 1500 to 1524 in all four directions – North, East, West and South.Most of his journeys were made on foot with his companion Bhai Mardana. Life Story of Guru Nanak … 8 Importance of Guru. His father, Mehta Kalyan Das Bedi (Mehta Kalu) was the patwari (accountant) in the employment of Rai Bular Bhatti. And Stay connected with us. Born in Hindu family and after meeting Guru Nanak, the founder of Sikhism, becoming a Sikh, and serving and working with Guru Nanak for many years, Guru Nanak gave Lehna the name Angad ("my own limb"), and chose Angad as the second Sikh Guru. And If You have any Question , you can comment below. – Guru Nanak Dev Ji. His teachings are inscribed in the Guru Granth Sahib and they continue to be the guiding principles for not only Sikhs but people across communities and religions. [14] Teachings In order to post comments, please make sure JavaScript and Cookies are enabled, and reload the page. Through our simple, colorful & Interactive format of talking Comics - available in English, Hindi and Punjabi. Sikhism is the most recent of all worldly religions. The devotees of Guru Nanak still celebrate his birthday all over the world. Teachings of Guru Nanak Dev Ji for children and Adults - Haq Di Kamaai. Relevance of Guru Nanak Dev ji‟s teachings in present time Guru Nanak's 7 teachings that will change the way you look at life Guru Nanak is known for his political, social and spiritual beliefs, which were based on love, equality, fraternity and virtue. Currently you have JavaScript disabled. Guru Nanak Dev Ji was born in a village in Lahore which is now in Pakistan. Guru Nanak Dev Ji asked his followers to shun five evils which leads to illusion ( maya) which eventually acts as roadblock towards attainment of salvation.